कलाबुरगी, कर्नाटक। वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित ‘‘सिटी नेचर चैलेंज’’ में इस बार कलाबुरगी भी शामिल हो गया है, जबकि जिले में वर्तमान समय में तेज गर्मी की लहर सक्रिय है। यह पहल एक अंतरराष्ट्रीय समुदाय-वैज्ञानिक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जीव-जंतुओं और पौधों की विविधता का दस्तावेजीकरण करना है।
हर वर्ष विश्व के अनेक शहर इस चुनौती में भाग लेकर स्थानीय प्रकृति के प्रति लोगों की रुचि और जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। इस वर्ष की सिटी नेचर चैलेंज में कुल 20 देशों के 200 से अधिक शहर हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें विभिन्न शहरी पारिस्थितिक तंत्रों का निष्पक्ष अध्ययन एवं संग्रहण किया जाएगा।
कलाबुरगी के जहां पर्यावरण प्रेमी एवं वैज्ञानिक इस आयोजन के लिए तैयार हैं, वहीं जिले में चल रही भीषण गर्मी ने इस चुनौती को चुनौतीपूर्ण जरूर बना दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले तीन सप्ताह से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके कारण यहां उच्च तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद, शहरवासियों और पर्यावरण भवनों ने उत्साह के साथ इस अभियान में अपनी सक्रियता दिखा रहे हैं।
सिटी नेचर चैलेंज में सहभागिता के लिए स्थानीय प्रशासन ने भी कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाया है। लोगों को स्थानीय पक्षियों, पौधों, कीड़ों और अन्य जीवों की पहचान कर मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से उनके विवरण प्रदान करने को कहा गया है। इससे न केवल शहर की जैव विविधता का नक्शा तैयार होगा, बल्कि वैज्ञानिकों को भी प्राकृतिक संसाधनों तथा पर्यावरणीय प्रभावों को समझने में मदद मिलेगी।
कलाबुरगी के पर्यावरण अधिकारी डॉ. संजय कुमार का कहना है, “यह पहल सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि हमारी प्राकृतिक विरासत की रक्षा और समझ का माध्यम है। भले ही गर्मी की लहर जारी है, लेकिन हमारे लोकल वॉलंटियर्स की प्रतिबद्धता को देखकर बहुत खुशी होती है। हमें उम्मीद है कि इस चुनौती से जुड़कर हम अपने शहर की जैव विविधता को बेहतर तरीके से संरक्षित कर पाएंगे।”
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय कदम पर्यावरण संरक्षण के प्रति वैश्विक समुदाय को जोड़ने का काम करते हैं। वे कहते हैं कि ‘‘सिटी नेचर चैलेंज’’ जैसे अभियान स्थानीय स्तर पर प्रकृति की खोज और संरक्षण के उपायों को प्रभावी बनाते हैं। स्थानीय लोगों की भागीदारी से शहरों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस पहल हो सकती है।
इस प्रतीकात्मक चुनौती के तहत, कलाबुरगी सहित दुनियाभर के शहर अपने शहरी जंगलों, पार्कों, नदी किनारों और अन्य प्राकृतिक स्थलों में मौजूद जीव-जंतुओं का अध्ययन कर साझा करेंगे। इस प्रयास का परिणाम अगले महीनों में सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे शहरी जीवन व पर्यावरण के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित होगा।
संक्षेप में, कलाबुरगी की भागीदारी ‘‘सिटी नेचर चैलेंज’’ में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की नई लहर लेकर आई है, जो भविष्य में शहर की पारिस्थितिकी के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Author: UP 24.in
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