थिरुवनंतपुरम, केरल – राज्य सरकार ने सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना शुरू की है। इस योजना में सांप के काटने के मामलों और मौतों की निगरानी, पब्लिक अस्पतालों की हॉटस्पॉट मैपिंग, प्री-हॉस्पिटल देखभाल और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के विभिन्न पहल शामिल हैं।
सांप के काटने की घटनाएं केरल में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट के रूप में देखी जाती हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां प्राथमिक उपचार तक पहुंच सीमित होती है। इस महामारी को रोकने और प्रभावित लोगों की बेहतर देखभाल के लिए राज्य प्रशासन ने हाल ही में इस नई रणनीति को अपनाया है।
कार्य योजना के तहत, राज्य भर में सांप के काटने की घटनाओं की कड़ी निगरानी की जाएगी। इसके लिए सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा ताकि वास्तविक समय में आंकड़ों का संकलन हो सके। यह डेटा नीति निर्धारण में सहायक होगा और संसाधनों के कुशल वितरण में मदद करेगा।
इसके साथ ही, पब्लिक अस्पतालों का भौगोलिक हॉटस्पॉट मैप तैयार किया जाएगा। यह मैप यह दिखाएगा कि किन क्षेत्रों में सांप के काटने के मामले सबसे अधिक हैं और वहां प्राथमिक उपचार केंद्रों को मजबूत किया जाएगा। अस्पतालों में विष निषेधक दवाओं और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि मरीजों को समय पर और प्रभावी उपचार मिल सके।
प्री-हॉस्पिटल देखभाल को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सांप के काटने की पहली मदद से अवगत कराया जाएगा और आपातकालीन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत एम्बुलेंस सेवा को बेहतर बनाने, मोबाइल हेल्थ यूनिट चलाने और आपातकालीन कॉल सेंटर की स्थापना पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन पहलों से सांप के काटने से होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही, जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को सांप के काटने के प्रति सतर्क रहने और समय पर उपचार लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समन्वित प्रयास ही इस स्वास्थ्य संकट से निपटने में कारगर साबित होंगे।
इस योजना की सफलता के लिए राज्य सरकार स्थानीय निकायों, स्वास्थ्य संस्थानों और समुदाय के बीच सतत समन्वय सुनिश्चित कर रही है। आने वाले महीनों में इसके प्रभावों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार भी किए जाएंगे। इस पहल को स्वास्थ्य सुरक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो मलेरिया, डेंगू समेत अन्य बीमारियों के साथ-साथ सांप के काटने से होने वाली मौतों को रोकने में भी योगदान देगा।
Author: UP 24.in
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