कर्नाटक में श्वसन संक्रमण बच्चों की मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक बना हुआ है: आर्थिक सर्वे

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Pneumonia continues to be among the leading causes of infant deaths in Karnataka: Economic survey

बंगलुरु, कर्नाटक। कर्नाटक में श्वसन संक्रमण यानी निमोनिया अब भी सा‍ंस्थानिक बच्चों की मृत्यु के सबसे प्रमुख कारणों में से एक बना हुआ है। हाल ही में जारी हुए आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं।

आर्थिक सर्वे 2023-24 में कर्नाटक के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। इसमें बताया गया है कि श्वसन संक्रमणों के कारण होने वाली मृत्यु दर अभी भी चिंताजनक स्तर पर बनी हुई है, खासकर नवजात और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में। इस अवधि में राज्य में शिशु मृत्यु दर में कुछ कमी देखने को मिली है, लेकिन निमोनिया ने अब भी अपनी गंभीरता और जानलेवा प्रभाव को कायम रखा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन संक्रमण की रोकथाम के लिए बेहतर निगरानी और जागरूकता अभियानों की आवश्यकता है। छोटे बच्चों को टीकाकरण, पोषण और स्वच्छता के बेहतर उपाय अपनाना बहुत जरूरी है, ताकि इस प्रकार की घातक बीमारियां कम हो सकें।

अर्थव्यवस्था में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के बावजूद, ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त संसाधन और चिकित्सा सुविधा की कमी के कारण निमोनिया से होने वाली मौतें अपेक्षाकृत अधिक देखी गई हैं। सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने और तत्काल उपचार की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरणीय कारक भी निमोनिया के मामलों में बढ़ोतरी का कारण बन रहे हैं। प्रदूषण, खराब वायु गुणवत्ता और शिशु पोषण की कमी इससे जुड़ी मुख्य समस्याएं हैं। उन्हें संबोधित करने के लिए एक समग्र और व्यापक योजना बनानी होगी, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण विभागों को मिलकर काम करना होगा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक ने पिछले वर्षों में बच्चों का टीकाकरण और पोषण सुधारने में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, लेकिन अभी भी चुनौतियां कायम हैं। इसके तहत परिवारों को निमोनिया के लक्षणों को समझने और समय पर चिकित्सा सहायता लेने की शिक्षित करने की जरूरत है।

इस रिपोर्ट के प्रकाश में, कर्नाटक सरकार ने बेहतर स्वास्थ्य नीतियां बनाने और कार्यान्वयन तेज करने की प्रतिबद्धता जताई है। आगामी योजनाओं में शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देकर व्यापक अभियान चलाने की बात कही गई है, ताकि बच्चे स्वस्थ रहें और उनकी मृत्यु दर में स्थायी गिरावट लाई जा सके।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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