तेहरान, ईरान – इस्राइली सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए हैं, लेकिन कहा कि लेबनान के साथ संघर्ष विराम फ़िलहाल कायम है। इस संघर्ष विराम के चलते क्षेत्र में शांति की उम्मीदें बढ़ी हैं, जो ईरान समर्थित मिलिशिया और इस्राइल के बीच जारी लड़ाई को थामने में मदद कर सकता है।
इस्राइली सैन्य अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को हिज़बुल्लाह के कुछ स्थानों पर सफलतापूर्वक हवाई हमले किए गए, लेकिन थम गई लड़ाई के परिणामस्वरूप लेबनान के साथ हालिया संघर्ष विराम अभी तक प्रभावी बना हुआ है। इस संघर्ष विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाए जाने की घोषणा अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है।
इस्राइल और हिज़बुल्लाह के बीच पिछले कुछ महीनों से बढ़े तनाव ने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया था। हिज़बुल्लाह, जो कि ईरान की वित्तीय और सैन्य सहायता से संचालित होता है, ने इस्राइल के खिलाफ कई हमले किए थे, जिससे दोनों पक्षों में झड़पें लगातार बढ़ती जा रही थीं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस संघर्ष विराम से न केवल लेबनान में शांति स्थिर होगी बल्कि इससे ईरान में चल रहे युद्ध को भी समाप्त करने में मदद मिल सकती है। संघर्ष विराम के दौरान दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी रहने की संभावना है, जिससे भविष्य में स्थायी शांति स्थापित हो सकेगी।
लेबनान में राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव के बीच यह संघर्ष विराम वहां के लिए एक राहत की खबर है। सामान्य जनता ने भी संघर्ष विराम की खबर का स्वागत किया है और आशा जताई है कि यह स्थिति स्थिर रहेगी।
इस्राइल सरकार ने कहा है कि वह संघर्ष विराम का पूरी तरह सम्मान करेगी यदि हिज़बुल्लाह भी अपनी सेना को शांत रखे। वहीं, हिज़बुल्लाह ने भी संघर्ष विराम के प्रति अपने समर्थन का संकेत दिया है, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।
यह मामला न केवल क्षेत्रीय राजनीति बल्कि वैश्विक भू-राजनीति में भी अहम माना जा रहा है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय ताकतें इस संघर्ष विराम को मध्य पूर्व में स्थिरता लाने के लिए एक सकारात्मक कदम के रूप में देख रही हैं।
अतः, इस्राइल-हिज़बुल्लाह संघर्ष विराम के विस्तार के साथ ही मध्य पूर्व में एक नई उम्मीद जगी है, जो आने वाले समय में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा दे सकती है।
Author: UP 24.in
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