सहारनपुर (बेहट/Todarpur)।
शाकुम्बरी शुगर मिल के सामने किसानों का धरना लगातार 45वें दिन जारी है। किसान दो चीज़ों की माँग कर रहे हैं:
गन्ने के बकाया भुगतान का निपटान
बंद पड़ी मिल को तुरंत चालू किया जाए
किसानों का कहना है कि मिल बंद होने से गन्ना उठ नहीं रहा, फसल खेतों में खराब होने का जोखिम बढ़ रहा है, और आर्थिक नुकसान सीधे किसानों पर पड़ रहा है। मिल प्रशासन ने कई बैठकों में भुगतान और संचालन का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कोई कार्य नहीं हुआ।
9 नवंबर की शाम किसान संघर्ष समिति की बैठक में तय हुआ:
12 नवंबर 2025, दोपहर 11 बजे — मिल गेट पर पंचायत और भूख हड़ताल की शुरुआत होगी।
किसानों ने प्रेस घोषणा में चेतावनी दी है:
यदि आंदोलन के दौरान किसी किसान की जान या संपत्ति को नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी मिल प्रबंधन और प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन में मौजूद प्रमुख किसान/प्रतिनिधि:
हाजी मुकर्रम
चौधरी ताहिर (चेयरमैन)
अंकित कुमार
चंद्रमणी
नदीम अहमद
सतपाल सिंह
रोहिताश
अनिल कुमार
भोपाल
नरेश कुमार
कश्मीरा
सतीश कुमार
सोहन
सुंदरलाल
नरेंद्र कुमार
अन्य किसान भी मौजूद रहे
किसानों की प्रमुख माँगें:
गन्ना बकाया भुगतान तुरंत किया जाए
देरी पर ब्याज सहित भुगतान
बंद पड़ी शुगर मिल को तत्काल चालू किया जाए
भुगतान की स्पष्ट समयसीमा जारी हो
प्रशासन और मिल प्रबंधन की चुप्पी से किसानों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।किसानों का कहना है कि बकाया भुगतान न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है। गन्ना खेत में खड़ा है, लेकिन मिल बंद होने से वह खाली भी नहीं कर पा रहे। गन्ने से मिलने वाली राशि नहीं मिली, इसलिए उनके पास गेहूँ की अगली फसल बोने के लिए भी पैसे नहीं बचे। लगातार नुकसान और अनिश्चितता के कारण किसान आर्थिक और मानसिक दोनों तरह के दबाव में हैं।
अस्वीकरण: इस वीडियो में व्यक्त विचार और बयान किसानों के व्यक्तिगत मत हैं। प्लेटफ़ॉर्म/मीडिया हाउस इन विचारों की पुष्टि नहीं करता और न ही इनका समर्थन करता है। किसी भी कथन की पूरी ज़िम्मेदारी बयान देने वाले व्यक्ति की है
Author: UP 24.in
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